NEET क्या होता है? NEET की आवश्यक क्यों हैं ?

NEET क्या होता है? NEET की आवश्यक क्यों हैं ?

आज के समय में मेडिकल क्षेत्र में स्कोप तेजी से बढ़ता जा रहा है इसलिए स्टूडेंट अपना कैरियर मेडिकल के फील्ड बनाने के लिए सोचते हैं तो इस आर्टिकल के माध्यम से हम पूरी जानकारी आपको विस्तार से बताएंगे।

अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको थोड़ा मेहनत करना पड़ेगा। डॉक्टर बनना हमारे जीवन के लिए मान सम्मान की बात होती है क्योंकि भगवान के बाद अगर कोई हमारी जान बचा सकता है तो वह सिर्फ डॉक्टर ही है।

 डॉक्टर बनने के लिए आपको एक इंटरेस्ट एग्जाम देना पड़ता है जिसको आप NEET कहते हैं। अगर आप इस एग्जाम में अच्छे रैंक लाते हैं तो आपका एडमिशन सरकारी एवं प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में होना तय है।

 NEET एक एंट्रेंस एग्जाम होता है जिसमें हर साल लाखों स्टूडेंट बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। लेकिन कुछ ही स्टूडेंट एंट्रेंस एग्जाम में सफल हो पाते हैं। अगर आप भी नीट एग्जाम में सफल होना चाहते हैं तो आपकी सब्जेक्ट से संबंधित तैयारी पूरी होनी चाहिए।

NEET क्या होता है?


तो चलिए सबसे पहले हम बात करते हैं NEET का फुल फॉर्म क्या है, National Eligibility cum Entrance Test.

जो हमारे भारत में मेडिकल एजुकेशन से जुड़े कोर्स एमबीबीएस एवं बीडीएस में एडमिशन लेने के लिए एक क्वालीफाई एंट्रेंस एग्जाम होता है।

इस एग्जाम को क्लियर करने के लिए स्टूडेंट को इन कोर्सेज में एडमिशन मिल जाता है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी( National Testing Agency) यानी NTA को NEET एग्जाम कंडक्ट करती है। NEET एग्जाम दो लेवल पर होते हैं UG और PG पद पर होता है।

UG में NEET बहुत अच्छा ऊंचाई लेवल पर एमबीबीएस(MBBS) और बीडीएस(BDS) मेडिकल कोर्सेज के लिए एंट्रेंस टेस्ट कराई जाती है जबकि दूसरे लेवल NEET जो PG लेवल पर होता है M.S. और M.D. कोर्सेज के लिए एंट्रेंस टेस्ट होता है।

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NEET की आवश्यक क्यों हैं ?

अधिकांश स्टूडेंट को एक डॉक्टर बनने का सपना होता है जो कि NEET एक प्रकार से मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट हुआ करता है। इसमें पहले के समय में NEET को AIPMT के नाम से जाना जाता था इसमें अलग अलग राज्य और कॉलेज के हिसाब से इंटरेस्ट एग्जाम भी कुछ अलग होता था।

लेकिन NEET आने के बाद से AIPMT के सभी मेडिकल कॉलेज के इंटरेस्ट एग्जाम को सुप्रीम कोर्ट से आदेश आने के बाद इसे समाप्त कर दिया गया है। अब वर्तमान में तीन तरह के मेडिकल एग्जाम मौजूद है।

जिसमें पहले नंबर पर आता है NEET जो सरकारी और प्राइवेट कॉलेज के लिए होता है।नीट का इंटरेस्ट एग्जाम पढ़ लेते हैं तब उसके बाद रिफरेंस बुक्स का मदद लेना अत्यंत आवश्यक होता है। रिफरेंस बुक्स के माध्यम से आप किसी भी टॉपिक पर जानकारी विस्तार से समझ सकते हैं।

इसमें आपको किसी भी टॉपिक पर क्वेश्चन से संबंधित समस्या नहीं होती है और मुश्किल से मुश्किल सवालों को आसानी से हल कर सकते हैं इसलिए आपको एनसीईआरटी  बुक्स के साथ साथ रिफरेंस बुक्स का भी का मदद लेना चाहिए।
STEP 1. वैसे तो हम बात करें तो NEET एग्जाम के लिए फिजिक्स केमिस्ट्री और बायोलॉजी सब्जेक्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है इसमें आपको तीनों सब्जेक्ट का ज्ञान अच्छे से होना चाहिए लेकिन इसमें फिजिक्स एक ऐसा सब्जेक्ट है जिसका सवाल केमिस्ट्री और बायोलॉजी की तुलना में कठिन होता है।
 इसलिए मैं आपको सबसे पहले सलाह दूंगा कि आप फिजिक्स एनसीईआरटी बुक के सभी टॉपिक्स एवं सवाल को अच्छे से पढ़ें। एनसीआरटी बुक आपका पूरा कंप्लीट होने के बाद रिफरेंस बुक का मदद ले सकते हैं।
 इसके माध्यम से आप किसी भी टॉपिक को गहराई से समझ सकते हैं। ज्यादातर NEET एग्जाम में एनसीईआरटी और रिफरेंस बुक के मिलता-जुलता क्वेश्चन पूछे जाते हैं।
STEP 2. अब हम बात करते हैं केमिस्ट्री का तो केमिस्ट्री एक ऐसा सब्जेक्ट है जिसके सवाल ना ज्यादा कठिन पूछे जाएंगे और न ही ज्यादा आसान इसलिए आप क्वेश्चन भी ध्यान रखें।
 अगर आप एनसीआरटी बुक को ध्यान पूर्वक पढ़ लेते हैं और chemistry के कुछ chapter जैसे कि organic chemistry और physical chemistry पर आप ज्यादा ध्यान देते हैं तो आपका NEET एग्जाम बहुत ही अच्छा साबित होगा।
STEP 3. NEET का एंट्रेंस एग्जाम डॉक्टर बनने के लिए कराई जाती है और डॉक्टर बनने के लिए आपको बायोलॉजी सब्जेक्ट का अच्छा पकड़ होना चाहिए इसलिए NEET के एग्जाम में 50% सवाल बायोलॉजी सब्जेक्ट से पूछे जाते हैं।
बायोलॉजी से जितने भी क्वेश्चन पूछे जाते हैं वह फिजिक्स और केमिस्ट्री की तुलना में आसान माने जाते हैं। बायोलॉजी में ज्यादातर एनसीआरटी बुक से क्वेश्चन पूछे जाते हैं।
STEP 4. आपको NEET एग्जाम देने से पहले आप पिछले साल के हर सब्जेक्ट का क्वेश्चन पेपर को ज्यादा से ज्यादा सॉल्व करें इससे आपको पता चलेगा कि सवाल किस प्रकार से पूछे जाते हैं।
आप बीच-बीच में हर सब्जेक्ट का टेस्ट देते रहें इससे आपका सवाल से संबंधित कांसेप्ट क्लियर होता जाएगा और आपको पता चलता है जाएगा कि आप की एग्जाम की तैयारी कितनी है।
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